जो बाइडन, पूरा नाम जोसेफ रॉबिनेट बाइडन जूनियर. आज से दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क की कमान इनके हाथों में होगी. कहने को तो 78 वर्षीय बाइडन अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति होंगे, पर उनकी शख्तियत को समझा जाए तो उम्र महज उनके लिए एक आंकड़ा भर है.
जुनून संघर्ष और बदलाव का माद्दा उनमें उतना ही है, जितना 29 साल की उम्र में सबसे युवा सीनेटर बनने के वक्त था. वह छह बार सीनेटर चुने गए. उन्हें करीब से जानने वाले लोग बताते हैं कि उनके आज उनके इस मुकाम तक पहुंचने के पीछे कोई फलसफा और ताकत है तो वह है, उनका लोगों से गहरा जुड़ाव और संवाद में ईमानदारी.

जो बाइडेन का शपथ ग्रहण समारोह कैपिटल हिल में हो रहा है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश, बिल क्लिंटन और बराक ओबामा समारोह में मौजूद हैं. कड़ी सुरक्षा के बीच अमेरिका में ये समारोह हो रहा है. करीब 25 हजार नेशनल गार्ड अमेरिकी राजधानी में तैनात किए गए हैं.

अमेरिका में एक तरफ जहां जो बाइडेन के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां चल रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ वहां के सुप्रीम कोर्ट को बम के चलते खाली कराया जा रहा है.

बाइडन ने ओबामा के कार्यकाल के आठ वर्षों तक भारत अमेरिकी संबंधों को मजबूत करने की पैरवी की . उन्होंने दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते के पारित होने में भी अहम भूमिका निभाई थी.

आसान नहीं होगी आगे की राह…
बाइडन उस दौर में देश की कमान संभालने जा रहे हैं, जब दुनिया महामारी के संकट से गुजर रही है जबकि अमेरिका सामाजिक-सांस्कृतिक स्तर से लेकर कांग्रेस तक खूब बंटा हुआ है.उनके सामने बिगड़े सामाजिक ताने बाने और सरकारी संस्थानों को सुधारना बड़ी चुनौती होगी.

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