नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में से कृषि क्षेत्र और किसानों के हिस्से का विस्तृत ब्योरा दिया। इस क्रम में उन्होंने 8 कृषि क्षेत्र से जुड़े बुनियादी ढाचों जबकि 3 कानूनी सुधारों समेत कुल 11 बड़े कदमों का ऐलान किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीसरी किस्त का एलान किया। उन्होंने आज आर्थिक पैकेज में किसानों और ग्रामीण भारत के लिए दी गई राहतों के बारे में विस्तार से बताया। सरकार ने कृषि के आधारभूत ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया है।

कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ रुपए

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि किसान देश का पेट भरने के साथ निर्यात भी करता है। अनाज भंडारण, कोल्ड चेन और अन्य कृषि आधारित इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कृषि उत्पादक संघ, कृषि स्टार्टअप आदि का भी इसका लाभ होगा।

माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज (MFE) के फॉर्मलाइजेशन के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की स्कीम

असगंठित क्षेत्र के सूक्ष्म खाद्य उद्योग (माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज) इकाइयों का आधुनिकीकरण करने, उनमें नई टेक्नॉलजी लाने, ब्रैंड बनाने और मार्केटिंग करने में उनकी मदद के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की योजना लाई गई। इस योजना से 2 लाख छोटी MEFs को फायदा होगा। वित्त मंत्री ने बिहार में मखाना, जम्मू-कश्मीर में केसर, नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में बांस, आंध्र प्रदेश में मिर्च आदि का जिक्र कर कहा कि इन इलाकों में क्लस्टर बेस्ड अप्रोच अपनाया जाएगा और इनकी ब्रैंडिंग की जाएगी।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए

पीएम मतस्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके वैल्यू चेन में मौजूद खामियों को दूर किया जाएगा।11 हजार करोड़ रुपए समुद्री मत्स्य पालन और 9 हजार करोड़ रुपए इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए खर्च किए जाएंगे।इससे अगले 5 साल में मतस्य उत्पादन 70 लाख टन बढ़ेगा। इससे 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और निर्यात दोगुना होकर 1 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा।

 राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम

निर्मला सीतारमण ने कहा कि 15,000 करोड़ रुपये का पशुपालन बुनियादी ढांचा विकास कोष शुरू किया जाएगा। इससे पशुपालन से जुड़े लोगों को मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए

पीएम मतस्य संपदा योजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपए रखे गए हैं। इसके वैल्यू चेन में मौजूद खामियों को दूर किया जाएगा।11 हजार करोड़ रुपए समुद्री मत्स्य पालन और 9 हजार करोड़ रुपए इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए खर्च किए जाएंगे।इससे अगले 5 साल में मतस्य उत्पादन 70 लाख टन बढ़ेगा। इससे 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और निर्यात दोगुना होकर 1 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा।

हर्बल खेली के लिए 4 हजार करोड़ रुपए

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि हर्बल खेती को बढ़ावा देने के लिए 4000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अगले 2 साल में 10,00,000 हेक्टेयर जमीन को कवर किया जाएगा।

मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये की योजना

इससे 2 लाख से ज्यादा मधुमक्खी पालकों को फायदा मिलेगा। बीकीपिंग डिवेलपमेंट सेंटर्स, कलेक्शन, मार्केटिंग और स्टोरेज सेंटर्स, पोस्ट हार्वेस्ट और वैल्यु अडिशन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा।

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