हाईलाइट
• रिजर्व बैंक ने कोरोना की वजह से कर्ज के मामले में बड़ी राहत दी
• बैंक मजबूत, लोग घबराकर बैंकों से पैसा नहीं निकाले

नई दिल्ली: कोरोना संकट में आरबीआई के राहत ऐलान के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस के असर से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है और इससे मिडिल क्लास को फायदा होगा। बता दें कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट और सीआरआर में कटौती की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने कर्जधारकोँ के लिए भी राहत का भी ऐलान किया है।

21 दिनों के लॉकडाउन का मजबूती से सामना करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने रेपो रेट में कटौती कर ईएमआई और घटने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके अलावा भी आरबीआई की तरफ से कई बड़े एलान किए गए हैं। ऐसे में आरबीआई की तरफ से उठाए गए कदमों पर पीएम मोदी ने ट्वीट कर तारीफ की है और इसे मजबूत कदम बताया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, “कोरोनावायरस से हमारी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए आरबीआई की तरफ से एक बेहद ही मजबूत कदम उठाया गया है। इस घोषणा से लिक्विडिटी में सुधार होगा। इसके अलावा धन की लागत कम होगी। वहीं, यह फैसला मध्यम वर्ग और व्यवसायों की मदद करेगा।”

बता दें कि देशभर में जारी 21 दिन के लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे में आम जनता को लॉकडाउन के दौरान कोई परेशानी न हो और अर्थव्यवस्था को कोरो नावायरस के झटके से बचाया जा सके, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कई महत्वपूर्ण एलान किए हैं। इनमें रेपो रेट को 5.15 फीसदी से घटकर 4.40 फीसदी करना शामिल है, जिससे सभी तरह के कर्ज सस्ते होंगे। इसके अलावा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने रिवर्स रेपो रेट में भी 0.90 फीसदी की कटौती की है। अब यह 4.90 फीसदी से घटकर चार फीसदी हो गई है। आरबीआई की तरफ से  सभी बैंकों को सलाह दी है कि वो तीन महीने के लिए ईएमआई को ग्राहकों से लेने के लिए टाल दें।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति के निर्णयों की घोषणा करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से फैली महामारी के कारण अनिश्चितता की स्थिति है, इसलिए आर्थिक वृद्धि दर तथा मुद्रास्फीति के पूर्वानुमान से बचा गया है। उन्होंने कहा कि इनका अनुमान इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले समय में कोरोना वारस का संक्रमण किस तरीके से और कब तक फैलता है तथा इसका कितना असर होता है। आर्थिक वृद्धि दर तथा खुदरा मुद्रास्फीति दो प्रमुख वृहद आर्थिक मानक हैं। इनसे अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा के संकेत मिलते हैं।

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने जमाकर्ताओं की चिंताओं को दूर करते हुए कहा कि देश की बैंक प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि बैंक के शेयर भाव में कमी को जमा की सुरक्षा से जोड़ना गलत धारणा पर आधारित है। यस बैंक संकट और कोरोना वायरस महामारी के बाद बैंकों के शेयरों की कीमतें के नीचे आने के बाद दास ने यह बात कही। उन्होंने जमाकर्ताओं से यह भी आग्रह किया कि वे घबराकर बैंकों से पैसा नहीं निकाले।

RBI ने कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती करके 3 प्रतिशत कर दिया गया है। यह एक साल तक की अवधि के लिए किया गया है.आरबीआई गवर्नर के मुताबिक सभी कमर्शियल बैंकों को ब्याज और कर्ज अदा करने में 3 महीने की छूट दी जा रही है. इस फैसले से 3.74 लाख करोड़ रुपये की नकदी सिस्टम में आएगी।

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