मुख्य खबर
• कोरोना वायरस संकट के बीच मोदी सरकार का राहत पैकेज
• 80 करोड़ लोगों को दोनों समय खाना मिले सरकार यह सुनिश्चित करेगी
• अगले तीन महीने तक राशन कार्ड होल्डर्स को पांच किलो एक्स्ट्रा गेहूं/चावल और एक किलो दाल

नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कारोना वायरस (Coronavirus) और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने एवं देशव्यापी लॉकडाउन को लेकर गुरुवार को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 1।70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की। यह राशि जरूरतमंदों की सहायता के लिये दी जा रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि सभी श्रेणी के लोगों की सहायता को ध्यान में रखकर यह राहत पैकेज दिया जा रहा है।

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां

 (1 ) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना  की घोषणा की। डायरेक्ट कैश ट्रांसफर होगा और खाद्य सुरक्षा के जरिए गरीबों की मदद की जाएगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अभी लॉकडाउन को 36 घंटे ही हुए हैं सरकार प्रभावितों और गरीबों की मदद के लिए काम कर रही है।

(2) योजना के तहत आठ कैटिगरी में किसान, मनरेगा, गरीब विधवा-पेंशनर्स-दिव्यांग, जनधन योजना-उज्ज्वला स्कीम, सेल्फ हेल्प ग्रुप (वुमन), ऑर्गनाइज्ड सेक्टर वर्कर्स को EPFO के जरिए, कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को मिलेगा डीबीटी का लाभ।

(3) प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ गरीब लोगों को कवर किया जाएगा। इस योजना के तहत अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल/गेहूं मुफ्त में दिया जाएगा। इसके अलावा एक किलो दाल हर परिवार को मुफ्त में मिलेगा।

(4) उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ महिला लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इन्हें तीन महीने तक मुफ्त सिलिंडर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त अगले तीन महीने तक महिला जनधन खाताधारकों को प्रति माह 500 रुपये दिए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि इसका लाभ 20 करोड़ महिलाओं को होगा। दीनदयाल योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 20 लाख तक का लोन दिया जाएगा। पहले इनको 10 लाख तक का लोन दिया जाता था।

(5) 8.7 करोड़ किसानों के अकाउंट में अप्रैल के पहले हफ्ते में 2000 रुपये की किस्त डाल दी जाएगी।

(6) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जो लोग ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत मजदूरी करते हैं, इनकी दिहाड़ी 182 रुपये से बढ़ाकर 202 रुपये कर दी गई है। प्रति मजदूर को करीब दो हजार रुपये की अतिरिक्त कमाई होगी। इसका फायदा 5 करोड़ मजदूरों को मिलेगा।

(7) निर्माण क्षेत्र से जुड़े 3.5 करोड़ रजिस्टर्ड वर्कर, जो लॉकडाउन की वजह से आर्थिक दिक्कतें झेल रहे हैं, उन्हें मदद दी जाएगी। इनके लिए 31000 करोड़ रुपये का फंड रखा गया है।

(8) वुमन सेल्फ हेल्प ग्रुप के लिए 20 लाख तक लोन का ऐलान किया गया है। इसका लाभ 7 करोड़ परिवारों को मिलेगा।

(9) इसके अलावा डिस्ट्रिक्ट मिनरल्स फंड की भी घोषणा की गई है। केंद्र राज्य सरकारों से अपील की है कि वे इस फंड का इस्तेमाल मेडिकल टेस्टिंग, स्क्रीनिंग और हेल्थ केयर के लिए करें।

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