हाईलाइट
• WHO ने दी सफाई भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा नहीं
• देश में सामुदायिक संक्रमण नहीं, 16002 टेस्ट में दो फीसदी पॉजिटिव: स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली: चीन से दुनियाभर में पैर पसार चुका कोरोना वायरस का असर अब भारत में तेजी से बढ़ रहा है। जानकारों के मुताबिक अब भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा भी मंडरा रहा है। लेकिन इसी बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सफाई दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से सफाई देते हुए कहा गया है कि भारत में कुछ इलाकों में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ी है, जिसे क्लस्टर ऑफ केस कहा जाता है।
हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब साफ कर दिया है कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा नहीं है। डब्ल्यूएचओ ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर जो रिपोर्ट तैयार की गई थी उसमें थोड़ी गलती हो गई और भारत को भी कम्युनिटी ट्रांसमिशन में दिखा दिया गया। उन्होंने साफ करते हुए कहा कि भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा नहीं है जबकि भारत में क्लस्टर ऑफ केस बढ़े हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस के 6,412 मामले हैं, जिनमें 199 मौतें हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबि​क पिछले 24 घंटों में 33 लोगों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिनों के लॉकडाउन का ही असर है कि भारत में कोरोना वायरस तेजी से नहीं फैल सका। यही नहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को हुई बैठक में भी कहा था कि अभी तक भारत में कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा पैदा नहीं हुआ है।

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