नई दिल्ली: केंद्र की मोदी सरकार ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है. मोदी कैबिनेट ने देश के और 6 एयरपोर्ट का मैनजमेंट और ऑपरेशन प्राइवेट प्लेयर के हाथों सौप दिया गया है. इसके साथ ही नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) को अधीनस्थ पदों के लिए सीईटी (कॉमन एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) आयोजित करने का भी अधिकार दे दिया गया है. सरकार ने ये फैसला देश के युवाओं और बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुए लिया है.

नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी
कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज नौकरी के लिए युवाओं को बहुत परीक्षाएं देनी पड़ती है. यह सब समाप्त करने के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (एनआरए) अब कॉमन एलिजबिलिटी टेस्ट (सीईटी) लेगी. इससे युवाओं को लाभ होगा.

गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 में सरकारी नौकरियों के लिए नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनाने के प्रस्ताव की घोषणा की थी. यह कंप्टूयर बेस्ड ऑनलाइन परीक्षा होगी. हर जिले में इसके लिए एक सेंटर बनेगा.

सरकार के सचिव सी. चंद्रमौली कहा कि केंद्रीय सरकार में लगभग 20 से अधिक भर्ती एजेंसियां ​​हैं. अभी हम केवल तीन एजेंसियों की परीक्षा कॉमन कर रहे हैं, समय के साथ हम सभी भर्ती एजेंसियों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट करेंगे.

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि युवाओं की ये मांग वर्षों से थी. लेकिन अबतक इसपर फैसला नहीं लिया गया था. इस एक फैसले से युवाओं की तकलीफ भी दूर होगी और उनका पैसा भी बचेगा. युवाओं को अब एक ही परीक्षा से आगे जाने का मौका मिलेगा.

कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय भर्ती संस्था पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) की मेरिट लिस्ट 3 साल तक मान्य रहेगी. इस दौरान उम्मीदवार अपनी योग्यता और पसंद के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेगा.


गन्ना किसानों को भी राहत देने का फैसला
एक करोड़ गन्ना किसानों के लिए इस साल भी परंपरा के मुताबिक ही लाभकारी मूल्य बढ़ाकर दिया है। 285 रुपये प्रति क्विंटल तय हुआ है। यह दर 10% की रिकवरी के आधार पर तय की गई है, लेकिन अगर 1% रिकवरी बढ़ेगी यानी अगर 11% रिकवरी हुई तो प्रति क्विंटल 28.50 रुपये ज्यादा मिलेंगे। वहीं, 9.5% या उससे कम भी रिकवरी रहने पर भी गन्ना किसानों को संरक्षण देते हुए 270.75 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कीमत मिलेगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार एथनॉल भी खरीदती है। पिछले साल सरकार ने करीब 60 रुपये प्रति लीटर की दर से 190 करोड़ लीटर एथनॉल खरीद की थी।

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