हाईलाइट
• दिल्ली समेत कई शहरों से लोग अपने गांव भागने के फिराक में है
• पलायन रोकने को दिल्ली सरकार की पहल
• 568 स्कूलों में खाने की व्यवस्था कर नाइट शेल्टर में बदला

नई दिल्ली: दिल्ली से लोग अपने -अपने गांव भाग रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1000 बसों की घोषणा के बाद दिल्ली नोएडा और दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर लोगों का तांता लगा हुआ है। ऐसे में मनीष सिसोदिया लोगों को समझाने वहां पहुंचे। उन्होंने कुछ डीटीसी बसों का इंतजाम करने का भी आश्वासन दिया और कहा कि स्कूलों को रैन बसेरा बनाया जाएगा।

सिसोदिया ने कहा कि हमने इन लोगों को ठहराने के लिए गाजीपुर के स्कूलों को रैन बसेरों में बदलना शुरू कर दिया है। मैं लोगों से अनुरोध करता हूं कि वे अपने घरों या झोपड़ियों को न छोड़ें। बेघर लोग रैन बसेरों में ठहर सकते हैं। हमारे पास पूरी दिल्ली के लोगों को खिलाने की क्षमता है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने अगले महीने का राशन भी अभी से बांटना शुरू कर दिया है। प्रति व्यक्ति 7.5 किलो यानि सामान्य से डेढ़ गुना राशन दिया जा रहा है।

सिसोदिया ने कहा, ‘मैंने लोगों से अपील की है कि वे दिल्ली में ही रुकें लेकिन कुछ डीटीसी बसों का भी प्रबंध किया है।’ उन्होंने कहा कि दिल्ली के 568 स्कूलों में खाना खिलाया जा रहा है, लोग जाकर खा सकते हैं। अगर किसी को रुकने में दिक्कत है तो नाइट शेल्टर के अलावा स्कूलों में रुक सकते हैं। 

केजरीवाल ने लोगों से अपील की है कि आप जहां हैं वहीं रहें वरना महामारी फैल जाएगी। सिर्फ यही नहीं उन्होंने बताया कि सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।  1000 दुकानों में समय से पहले पहुंचा राशन पहुंच चुका है। 71 लाख लोगों तक राशन पहुंचेगा। हमने रहने और खाने की व्यवस्था कर दी है।

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