नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के चलते अगले आदेश तक सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बुधवार को यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि अभिभावकों के सुझावों पर विचार करने के बाद यह फैसला लिया गया है. दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने कहा कि अभिभावकों में यह चिंता है कि अगर स्कूल खुलते हैं तो कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा. सिसोदिया ने कहा कि दुनिया के दूसरे देशों में जहां स्कूल खुले, वहां ऐसा देखा गया है.


सिसोदिया ने कहा कि दिल्‍ली के सभी सरकारी और निजी स्‍कूल अगले आदेश तक बंद रहेंगे. उन्‍होंने कहा कि दुनियाभर में जहां भी महामारी के बीच स्‍कूल खोले गए, वहां बच्‍चों में केस बढ़ गए। ऐसे में दिल्‍ली के स्‍कूल खोलना ठीक नहीं होगा.
उच्‍च शिक्षा में 1,330 सीटें बढ़ीं
सिसोदिया ने बताया कि दिल्‍ली के उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों में इस साल से 1,330 सीटें बढ़ गई हैं। उन्‍होंने कहा, ‘इस बार 1,330 सीटें एक्‍स्‍ट्रा होंगी। इसमें सबसे ज्‍यादा 630 सीटें बीटेक के लिए, बीबीए की 120 सीटें, बीकॉम की 220 सीटें, बीए (इकॉनमिक्‍स) में 120, बीसीए में 90 नई सीटें, एमबीए की 60 सीटें नई हैं.’ये सीटें बढ़ना 5 से 6 कॉलेज खोलने के बराबर है.
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी राजधानी में विद्यालयों को फिलहाल खोले जाने की संभावना से इनकार किया था.

वायु प्रदूषण, कोरोना के चलते लेना पड़ा फैसला
दिल्ली-एनसीआर पर कोरोना के साथ जहरीली हवा की दोहरी मार है. पिछले कुछ हफ्तों से राजधानी की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है. खराब सांस लेते-लेते अब लोगों के स्वास्थ्य पर उसका असर साफ नजर आने लगा है. लोगों में चिडचिड़ाहट, सिरदर्द, आंखों में जलन जैसी शिकायतें तो बढ़ ही रही हैं. अस्थमा रोगी अब काफी परेशान होने लगे हैं और उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत महसूस होने लगी है. इसके साथ ही कोरोना के मामलों में भी उछाल आया है.

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