नई दिल्ली. लॉकडाउन 4.0  उन लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिनके पास निजी वाहन हैं। नए दिशा-निर्देशों  में लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा स्वतंत्रता से आने-जाने की अनुमति दी गई है. केंद्र ने रविवार को नए दिशानिर्देशों  की घोषणा की, जो वाहन मालिकों को अपनी कारों और दोपहिया वाहनों को बाहर निकालने से पहले जान लेने चाहिए।

गृह मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं जो अब निजी यात्री वाहनों के साथ-साथ बसों को एक राज्य से दूसरे राज्यों में जाने की अनुमति देते हैं। खास बात यह है कि यह महत्वपूर्ण छूट तीनों जोन- रेड, ऑरेंज और ग्रीन में मान्य होंगे। हालांकि ये नियम देश में कहीं भी कंटेनमेंट जोन क्षेत्रों में रहने वालों पर लागू नहीं होंगे। 

निजी वाहन को चलाने की छूट लॉकडाउन 3.0 के बाद ही दे दी गई थी. लेकिन अब कंटेनमेंट इलाके में वाहन नहीं चला सकेंगे। बाकी अन्य ज़ोन में निजी वाहन चलाने में कोई रोक नहीं है, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने और स्थानीय प्रशासन द्वारा गाइडलाइन्स का पालन करना होगा।

हालांकि, ये भी ध्यान रखना होगा कि शाम को सात बजे के बाद से सुबह सात बजे तक अभी भी देश में कर्फ्यू जैसी स्थिति रहेगी। ऐसे में शाम के वक्त वाहन से बाहर निकलने पर कार्रवाई की जा सकती है।

क्या एक शहर से दूसरे शहर जा सकेंगे?

राज्यों के अंदर वाहनों के संचालन का जिम्मा पूरी तरह से राज्यों पर दिया गया है. गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, एक शहर से दूसरे शहर यानी राज्य के अंदर ही बसों, निजी वाहनों की आवाजाही को लेकर राज्य सरकारें अपनी गाइडलाइन्स निकालेंगी।

तीनों जोन में ऑटो रिक्शा, टैक्सी और बसों को चलाने की अनुमति दी गई है। अब तक सिर्फ टैक्सी को ही ग्रीन और ऑरेंज जोन में चलने की अनुमति थी। हालांकि यह मुद्दे पर प्रतिबंध जारी है कि एक समय में कितने यात्री एक वाहन में यात्रा कर सकते हैं। सभी जोन में ऑटो और टैक्सी में सिर्फ 1 यात्री को ही यात्रा की अनुमति है, जबकि निजी वाहन में चालक के अलावा 2 यात्री जा सकते हैं। रेड जोन में दोपहिया वाहनों पर चालक के पीछे दूसरी सवारी को बैठने की अनुमति नहीं है। 

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