नई दिल्ली: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि देश में दिसंबर तक कोरोना वैक्सीन होनी चाहिए. सीरम इंस्टीट्यूट ने ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी के साथ कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के लिए साझेदारी की है. एसआईआई ने वैक्सीन के 10 करोड़ खुराक का उत्पादन करने को लेकर गावि और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ गठजोड़ किया है.

दुनिया के सबसे बड़े वैक्‍सीन निर्माता सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ आदर पूनावाला ने दिसंबर 2020 तक वैक्‍सीन मिल जाने का दावा किया है। वहीं जायडस कैडिला (Zydus Cadila) के चेयरमैन ने मार्च 2021 तक कोरोना टीके का वादा किया है.

इसी साल आ जाएगी कोरोना की वैक्‍सीन?
सीरम इंस्टिट्यूट ने 7 अगस्‍त को वैक्‍सीन अलायंस Gavi और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ पार्टनरशिप का ऐलान किया था. कंपनी भारत और कम आय वाले देशों के लिए कोविड-19 वैक्‍सीन की 100 मिलियन डोज तैयार कर रही है. पूनावाला ने कहा, “हम दो हफ्ते से भी कम वक्‍त में ट्रायल्‍स शुरू कर देंगे. यह ट्रायल ICMR (इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च) के साथ पार्टनरशिप में हो रहे हैं. हम अगस्‍त के आखिर तक वैक्‍सीन बनाना शुरू करेंगे. पूनावाला पहले ही कह चुके हैं कि उनकी वैक्‍सीन के दाम 3 डॉलर से ज्‍यादा नहीं होंगे.

बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन अपने निवेश कोष के माध्यम से गावि को 15 करोड़ डॉलर का जोखिम-रहित धन मुहैया करायेगा, जिसका उपयोग संभावित टीकों के विनिर्माण में सीरम इंस्टीट्यूट का समर्थन करने और भविष्य में कम व मध्यम आय वाले देशों के लिए वैक्सीन की खरीद में किया जाएगा.

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