मुंबई: भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है. उधर, महाराष्ट्र में अब वॉइस टेस्टिंग के जरिए कोरोना संक्रमितों की पहचान की जाएगी. इस तकनीक के बाद आवाज से ही कोरोना की जांच हो जाएगी. महाराष्ट्र कोरोना के मामले में देश के अंदर सबसे ऊपर है और यहां हर दिन इस महामारी से निपटने के लिए नई तकनीक पर काम किया जा रहा है.

आवाज के जरिए कोरोना टेस्टिंग कैसे की जाएगी इसको लेकर अभी कोई बहुत ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन शिवसेना नेता और राज्य सरकार के मंत्री आदित्य ठाकरे ने खुद इसके बारे में जानकारी साझा की है आदित्य ठाकरे ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘बीएमसी आवाज के नमूनों का उपयोग करके AI-आधारित कोविड टेस्टिंग का एक परीक्षण करेगी. आरटी-पीसीआर टेस्टिंग भी होती रहेगी, लेकिन दुनियाभर में टेस्ट की गई तकनीकें साबित करती है कि महामारी ने हमें हमारे स्वास्थ्य ढांचे में तकनीक के उपयोग से चीजों को अलग तरह से देखने और विकसित करने में मदद की है.’

अगर आवाज के जरिए कोरोना की जांच संभव हो पाती है तो अपने आप में यह एक बड़ी सफलता होगी. वॉइस सैंपल टेस्टिंग के जरिए कोरोना मरीजों की पहचान कर पाने से दुनिया भर में इसके बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे. अब इंतजार उस वक्त का है जब महाराष्ट्र में यह टेस्टिंग सफल हो जाए.

शनिवार तक महाराष्ट्र में रिकवरी रेट 67.26 प्रतिशत था और 12 हजार 822 नए केस सामने आए थे. कोरोना से 275 लोगों की मौत हुई थी. 26 लाख 47 हजार 20 सैंपल में से 5 लाख 3 हजार सैंपल पॉजिटिव पाए गए थे. सूबे में अभी 9 लाख 89 हजार 612 मरीज होम क्वारनटीन हैं और 35 हजार 625 इंस्टीट्यूशनल क्वारनटीन है. महाराष्ट्र में कुल 1 लाख 47 हजार 48 एक्विट केस हैं.

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