मुंबई: महाराष्ट्र और गुजरात सरकार ने चक्रवात निसर्ग को देखते हुए तटीय इलाकों में NDRF की टीमों को तैनात कर दिया है. तूफान के खतरे को देखते हुए महाराष्ट्र-गुजरात में एनडीआरएफ की 21 टीमें तैनात हैं, जबकि 10 टीमों को अलर्ट पर रखा गया है.

मुंबई महानगर पालिका के अंतर्गत आने वाले सभी 24 विभागों के वार्ड अधिकारियों को चौकन्ना कर दिया गया है. उन्हें अपने इलाके में संभावित खतरे को देखते हुए पहले से योजना बनाने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्कूलों या सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं.

विभाग ने 4 जून तक एहतियातन मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने को कहा है. आम नागरिकों को भी समुद्र किनारों से दूर रहने, पेड़ और खंभे के नीचे खड़े होने से मना किया गया है. चक्रवाती तूफान के दौरान घरों से बाहर ना निकलने की अपील भी लोगों से की गई है. मुंबई में बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों और पेट्रोकेमिकल कंपनियों को उचित कदम उठाने के लिए कहा गया है.

मुम्बई के अलावा, इससे ठाणे, नवी-मुम्बई, पनवेल, कल्याण-डोम्बिवली, मीरा-भयंदर, वसई-विरार, उल्हासनगर, बदलापुर और अंबरनाथ जैसे शहर भी प्रभावित होंगे। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, इससे मुम्बई पर असर पड़ेगा. आईएमडी ने कहा कि जब तीन जून शाम को यह तट पार करेगा तो इसकी गति 105 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की होगी. दक्षिणी गुजरात और तटीय महाराष्ट्र में इससे भारी बारिश का पूर्वानुमान है.

चक्रवाती तूफान निसर्ग अगले 6 घंटों के दौरान उत्तर की ओर बढ़ेगा. उसके बाद उत्तर-उत्तरपूर्व की तरफ मुड़ेगा। यह तूफान 3 जून को दोपहर में हरिहरेश्वर के बीच नॉर्थ महाराष्ट्र व साउथ गुजरात और दमन से टकराएगा.

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