नई दिल्ली: आज पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबनेट की एक बैठक हुई, जिसमें कई अहम फैसले लिए गए. इसमें पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना का नवंबर तक विस्तार करना भी शामिल है. मोदी कैबिनेट ने गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर तक के लिए बढ़ाने को लेकर मंजूरी दे दी.  5 महीने मुफ्त अनाज, प्रवासी मजदूरों को किराए पर घर, जनरल इंश्योरेंस कंपनियों में 12 हजार 750 करोड़ रुपये के निवेश को लेकर बैठक में फैसले लिए गए.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत पिछले 3 महीने में 81 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति हर महीने 5 किलो अनाज मुफ्त मिला है. जो अनाज 2 रुपये और 3 रुपये में मिलता है वो मिलता रहा. लेकिन ये अनाज मुफ्त मिला है. इसका मतलब है कि पिछले 3 महीने में प्रति व्यक्ति को 15 किलो अनाज मिला.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस योजना का खर्च 1 लाख 49 हजार करोड़ रुपये है. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आजादी के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि 8 महीने 81 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है.

इसके साथ ही कारोबारियों और कर्मचारियों के हित के लिए 24 फीसदी ईपीएफ मदद को भी मंजूरी दी गई। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सहित कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।

उज्जवला योजना के तहत मिलने वाले तीन सिलेंडरों की अवधि को जून से बढ़ाकर अब सितंबर तक कर दिया गया है। इसमें 13500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

कैबिनेट ने ईपीएफ अंशदान 24 फीसदी (12 फीसदी कर्मचारी का और 12 फीसदी संस्थान का) को और तीन महीने जून से अगस्त 2020 तक बढ़ाने को मंजूरी दी. इसमें कुल अनुमानित खर्च 4,860 करोड़ रुपये आएगा और इस कदम से 72 लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ होगा.

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत उप योजना के रूप में शहरी प्रवासियों/गरीबों के लिए किफायती किराये के आवास परिसरों के विकास को मंजूरी दी। इस फैसले से करीब तीन लाख लोगों को लाभ मिलेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here