प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भड़काऊ भाषण देने के मामले में जेल काट रहे डॉ. कफील खान की तुरंत रिहाई का आदेश दिया है. डॉक्टर कफील 6 महीने से मथुरा की जेल में बंद हैं. हाईकोर्ट ने उन पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) को हटाने का आदेश दिया है और कहा है कि रासुका लगाना और उसका समय बढ़ाना दोनों ही गैर कानूनी है.
29 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
डॉक्टर कफील खान को गोरखपुर के गुलहरिया थाने में दर्ज केस के सिलसिले में 29 जनवरी 2020 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था. जेल में रहते हुए ही उन पर NSA लगाया गया. हाल ही में उनकी हिरासत बढ़ा दी गई थी. वे 6 महीने से जेल में बंद हैं. कांग्रेस भी इस मामले में सरकार से उनकी रिहाई की मांग कर चुकी थी.

विपक्षी नेताओं ने UP सरकार को घेरा
अब इस फैसले के बाद विपक्षी नेताओं की ओर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, साथ ही योगी सरकार पर निशाना साधा जा रहा है. कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस फैसले पर ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि आज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कफील खान के ऊपर से रासुका हटाकर उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया. आशा है कि यूपी सरकार डॉ कफील खान को बिना किसी विद्वेष के अविलंब रिहा करेगी. कफील खान की रिहाई के प्रयासों में लगे तमाम न्याय पसंद लोगों व उप्र कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को मुबारकबाद.


आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी ट्वीट कर योगी सरकार को घेरा. संजय सिंह ने लिखा कि कफील खान के मामले में हाई कोर्ट का फैसला योगी सरकार के अन्यायी चेहरे को बेनकाब करता है. ध्यान से पढ़ो योगी जी, हाई कोर्ट ने कहा “कफ़ील खान का भाषण राष्ट्रीय एकता और अखंडता की अपील करता है” और योगी जी ने कफील को राष्ट्रद्रोही घोषित कर दिया “शर्मनाक”.

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