हाईलाइट
• फंसे लोगों को निकालने रेलवे चलाएगी ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन
• राज्य सरकार की मदद से इस ट्रेन का संचालन किया जाएगा

नई दिल्ली: केंद्र से अनुमति मिलने के बाद रेलवे ने कहा कि वह देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों, तीर्थयात्रियों, छात्रों को निकालने के लिए आज से श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने जा रही है। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी।

कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूरे देश में जारी लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्रों व पर्यटकों आदि को ले जाने का किराया रेलवे राज्यों से वसूलेगा। रेल मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश में यह कहा गया है। रेलवे ने ऐसे लोगों को ले जाने के लिए छह ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन चलाई हैं। 

राज्य सरकार से किराया वसूली
रेलवे आपको क्या सुविधा देगी

रेलवे से जो भी राज्य सरकार श्रमिक स्पेशल चलाने की मांग करेगी, उस ट्रेन में यात्रियों का किराया राज्य सरकार से ही रेल मंत्रालय लेगा। राज्य सरकार को यह छूट होगी कि वह श्रमिकों से किराया ले या नहीं ले। रेलवे ने यह भी कहा है कि उनकी गाड़ी में जो यात्री चढ़ जाएगा उनको वह फ्री में खाना खिलाएगा। पानी का बोतल भी मिलेगा। रेलवे की तरफ से खाना पानी कंप्लीमेंट्री होगा । लेकिन किराए का पैसा राज्य सरकार से लेंगे।

रेलवे ने स्पष्ट किया कि ये स्पेशल ट्रेन राज्य सरकार द्वारा पंजीकृत और अनुमति प्राप्त लोगों के लिए चलाई गई है। किसी भी स्थिति में कोई भी ट्रेनों के बारे में पता करने के लिए रेलवे स्टेशन न जाए। रेलवे किसी भी व्यक्ति या लोगों के समूह को टिकट जारी नहीं करेगा। रेलवे केवल उन्हीं लोगों को ट्रेन में बैठने की अनुमति देगा जो राज्य सरकार द्वारा वहां लाए जाएंगे। 

यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी कि ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग सही तरीके से हो और स्वस्थ लोग ही ट्रेन में सफर करें। अलग-अलग जगहों से लोगों को सैनिटाइज बस द्वारा स्टेशन तक लाने की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की होगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का प्रमुखता से पालन करना होगा।

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