• सपा और बसपा से रहे थे सांसद
• मेदांता अस्पताल में चल रहा था इलाज
• करीबियों और कार्यकर्ताओं में छाई मायूसी
• वो एक सामाजिक आदमी थे: हाजी इलियास अहमद

संतकबीर नगर: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर से पूर्व सांसद भालचंद्र यादव का शुक्रवार 4 अक्टूबर को गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया. बताया जा रहा है की वो काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. कांग्रेस ने संत कबीर नगर संसदीय क्षेत्र से अपने प्रत्याशी को बदलकर 24 घंटे पहले पार्टी में शामिल हुए पूर्व सांसद भालचंद्र यादव को टिकट थमा दिया था.
पूर्व सांसद भालचंद्र यादव लंबे समय से कैंसर से पीड़ित चल रहे थे. आपको बता दें कि भालचंद्र जिले के भगता गांव के निवासी थे. बचपन से लेकर जवानी तक पढ़ाई के साथ पहलवानी करने वाले भालचंद्र यादव का एक समय मे छात्रसंघ की राजनीति में काफी दबदबा बना था.
सपा से बने थे पहली बार सांसद
भालचंद्र यादव वर्ष 1999 में वो पहली बार सपा से सांसद बने. 2004 के इलेक्शन में वह बसपा से सांसद बने लेकिन वर्ष 2008 में कुछ दिक्कतों का कारण उन्होंने पार्टी छोड़ दी. इसके बाद उपचुनाव हुआ लेकिन वह हार गए. इसके बाद भालचंद्र यादव ने 2009 और 2014 लोकसभा चुनाव में भी हिस्सा लिया लेकिन जीत उन्हें नसीब नहीं हुई.
1997 में संतकबीर नगर जिला बनने में इनका काफी योगदान रहा. सांसद रहे कार्यकाल में इन्होंने जिले के यात्रियों के लिए कई एक्सप्रेस ट्रेनें रुकवाने के काम के साथ साथ जिले के विकास के लिए ओवर ब्रिज और कई महत्वपूर्ण मार्गों का भी निर्माण कराया.
उनके एक करीबी दोस्त हाजी इलियास अहमद ने उनके बारे में बताया कि वो एक अच्छे इंसान थे, हर किसी का ख्याल रखते थे और छेत्र में जब भी किसी ने उनको याद किया तो हमेशा वो तैयार मिलते थे. न्यूज़ आउटरीच से बात करते हुए हाजी साहेब ने कहा कि पूर्व संसद का इतने जल्दी चले जाना हम सब छेत्र वासियों के लिए बहुत नुकसान है और हमारे लिए यह एक बहुत दुखद घटना है. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.

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