हाईलाइट
• शिवराज सिंह चौहान लगातार 13 साल रहे हैं मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री
• शिवराज सिंह चौहान ने ली CM पद की शपथ, चौथी बार बने MP के मुख्यमंत्री

भोपाल: भाजपा के वरिष्ठ नेता शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार रात को चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल लाल जी टंडन ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई। शिवराज सिंह इससे पहले साल 2005 से 2018 तक मुख्यमंत्री रहे। वे लगातार तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं।

शिवराज के सीएम पद की शपथ लेने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने उन्हें बधाई। कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए कहा कहा- “प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री के रूप में श्री शिवराज सिंह चौहान के शपथ लेने पर मै उन्हें बधाई देता हूँ। साथ ही उम्मीद करता है कि कांग्रेस सरकार द्वारा विगत 15 माह में शुरू किये गये जनहितैषी कार्यों , निर्णयों व योजनाओं को प्रदेश हित में वे आगे बढ़ाएँगे।”

वहीं इससे पहले मध्य प्रदेश में बीजेपी विधायकों को आज शाम पार्टी के प्रदेश कार्यालय में बुलाया गया था। इस बैठक में शिवराज सिंह चौहान को पार्टी के नए नेता के रुप में चुना गया। भाजपा के पर्यवेक्षक दिल्ली से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए विधायकों से बात की।

साल 2018 में शिवराज लगातार चौथी बार मुख्‍यमंत्री बनने की तैयारी में थे। बुधनी सीट से शिवराज तो जीत गए मगर बीजेपी को विधानसभा चुनाव में 109 सीटें ही हासिल हो पाईं। कांग्रेस भी अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं जुटा सकी थी मगर बसपा, सपा और निर्दलीयों को साथ लेकर कमलनाथ मुख्‍यमंत्री बने। उनकी सरकार को 15 महीने भी नहीं हुए थे कि मध्‍य प्रदेश में पासा पलट गया। शिवराज ने कांग्रेस के कद्दावर नेता ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को अपने साथ कर लिया और 22 कांग्रेसी विधायक भी बागी हो गए। कमलनाथ सरकार गिर गई और शिवराज यानी ‘मामा’ की फिर से मध्‍य प्रदेश की सत्‍ता में वापसी हो गई।

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