नई दिल्ली: भारत में कोरोना का विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है। जैसे-जैसे इसके मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वायरस के लक्षण में भी अलग-अलग बदलाव सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अब सूंघने की क्षमता में कमी और स्वाद में कमी को कोरोना के लक्षणों में शामिल किया गया है।

अब कोरोना टेस्‍ट के लिए 15 क्‍लीनिकल सिंपटम

वर्तमान में किसी शख्स का कोरोना टेस्ट लेने के संदर्भ में 13 क्लीनिकल सिंपटम (लक्षण) और संकेत हैं जो पिछले महीने संशोधित किए गए थे। इन लक्षणों में बुखार, खांसी, दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, सांस फूलना, नौसिया, रक्तगुल्म (खून का ऊपर उठना), शरीर में दर्द, गले में खराश, सीने में दर्द, नाक से पानी निकलने को शामिल किया गया है। एक या अधिक लक्षणों वाले किसी भी रोगी को टेस्ट की अनुमति दी जाती है।

10 दिन के भीतर एक बार करानी ही होगी जांच

आईसीएमआर ने कहा था कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और कोविड-19 की रोकथाम के लिए अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों में आईएलआई जैसे लक्षण विकसित होने पर उनकी भी आरटी-पीसीआर जांच के जरिए कोविड-19 की जांच होगी। साथ ही इसने कहा कि किसी भी संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वाले ऐसे लोग जिनमें लक्षण नजर नहीं आते और उच्च जोखिम वाले लोगों के संपर्क में आने के बाद पांच से 10 दिन के भीतर एक बार जांच करानी ही होगी।

अप्रैल में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कई यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर कोविड -19 के प्रमुख लक्षणों में से एक के रूप में गंध और स्वाद की कमी को जोड़ा था। यूनाइटेड किंगडम ने 18 मई को कोविड -19 लक्षण की अपनी सूची में इसे (सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमी) शामिल किया था।

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