हाईलाइट
• सरकार डॉक्टरों और अन्य हेल्थकर्मियों की सुरक्षा के लिए लाई अध्यादेश
• मोदी कैबिनेट ने पास किया अध्यादेश

नई दिल्ली: केन्द्र सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ होने वाले हमलों और उत्पीड़न को रोकने के लिए अध्यादेश लेकर आई है। इस अध्यादेश के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मेडिकल कर्मचारियों के साथ हिंसा करने का दोषी पाया जाता है तो उसे 6 महीने से 7 साल तक की सजा हो सकती है। इतना ही दो लाख रुपए तक आर्थिक दंड देने का भी प्रावधान किया गया है।

कैबिनेट बैठक के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया। उन्होंने कहा कि सरकार डॉक्टरों और नर्सों पर हमला बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि हेल्थकर्मियों पर हमला करने वालों पर 50 हजार से 2 लाख के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा 3 महीने से 5 साल की सजा भी हो सकती है। जबकि गंभीर चोट के मामले में अधिकतम 7 साल की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थयकर्मियों पर हमला गैरजमानती होगा।

अध्यादेश के अनुसार, अगर किसी ने स्वास्थ्यकर्मी की गाड़ी पर हमला किया तो मार्केट वैल्यू का दोगुना ज्यादा भरपाई की जाएगी।

जावड़ेकर ने साथ ही बताया कि सरकार ने कोरोना संकट से निपटने के लिए अबतक क्या-क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि देश में कोविड-19 के 723 अस्पताल बने हैं। इसके अलावा 1 लाख 86 हजार आइसोलेशन बेड तैयार हैं। 24 हजार ICU और 12,190 वैंटिलेटर तैयार है। उन्होंने कहा कि कोरोना का पहला मरीज मिलने के तीन महीने के भीतर इन सेवाओं का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि जहां तक पीपीई की बात है, पहले हमारे पास एक भी फैसिलिटी नहीं थी। आज 77 घरेलू कंपनियां पीपीई बना रही हैं। 1 करोड़ 88 लाख पीपीई का ऑर्डर है। 25 लाख एन-95 मास्क उपलब्ध हैं और ढाई करोड़ का ऑर्डर दिया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here