लद्दाख इलाके के पेंगॉन्ग सो में हिंसक झड़प के बाद 5 मई से ही भारत और चीन की सेना के बीच गतिरोध चल रहा है. 1962 के बाद ये पहला मौका है जब सैनिकों की जान गई है.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में स्थिति पर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष इस बैठक में शामिल होंगे।’

पूर्वी लद्दाख में सोमवार रात को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और भारतीय सेना के बीच हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे। वहीं, बड़ी संख्या में चीनी सैनिक भी मारे गए।
लद्दाख की गलवान घाटी में सोमवार रात भारत और चीनी सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए। इसमें कर्नल रैंक के अधिकारी संतोष बाबू भी शामिल थे। वहीं चीन के 40 जवान हताहत होने की खबर है। लेकिन उसने आंकड़ा अभी छिपा रखा है। यह संघर्ष ऐसे वक्त में हुआ जब दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही थी।

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