नई दिल्ली: दुनियाभर में कोरोनावायरस का कहर जारी है. 94 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं. मौतों का आंकड़ा पांच लाख की संख्या छूने के लिए तैयार है. इस बीच इटली में हुई एक स्टडी में कोरोना (COVID-19) को लेकर एक नई बात सामने आई है. इटली के नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट ने गुरुवार को बताया कि मच्छर इंसानों में कोरोनावायरस संचारित करने में असमर्थ है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि किसी मच्छर के काटने से कोरोना का संक्रमण नहीं फैलता. कोरोना वायरस इंसान की स्वांस प्रणाली और फेफड़ों पर असर करता है और जब कोई इंसान खांसता या छींकता है तो उससे बनने वाली अति सूक्ष्म बूंदों के जरिये ये वायरस आसपास मौजूद लोगों के शरीर में पहुंच जाता है. ये वायरस इंसान के खून में नहीं मिलता इसी वजह से ये वायरस मच्छरों के काटने से नहीं फ़ैल सकता.

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (WHO)

डब्ल्यूएचओ ने भी एडवाइजरी जारी कर कहा है कि, “मच्छर के काटने से नए कोरोनोवायरस का संक्रमण नहीं हो सकता है. आज तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है और न ही इस बात का कोई सबूत है कि, नए कोरोनोवायरस को मच्छरों द्वारा फैलाया जा सकता है. नया कोरोनावायरस एक श्वसन वायरस है, जो मुख्य रूप खांसते या छींकते वक़्त उत्पन्न बूंदों के माध्यम से फैलता है या लार की बूंदों के माध्यम से फैलता है. अपने आप को बचाने रखने के लिए, अपने हाथों को बार-बार अल्कोहल-आधारित हैंड सैनेटाइजर से रगड़ कर साफ करें या साबुन और पानी से धोएं। इसके अलावा, खांसने और छींकने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ निकट संपर्क से बचें.”

रिसर्च संस्था IZSVe और नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट की साझा स्टडी से साफ हो गया है कि न ही टाइगर मच्छर और न ही साधारण मच्छर, कोरोना को संचारित कर सकता है. नेशनल हेल्थ इंस्टीट्यूट ने इस बारे में कहा कि शोध से पता चला है कि संक्रमित रक्त के भोजन के माध्यम से मच्छर को यह वायरस दिया गया था, जो इसे दूसरे शरीर में संचारित करने में सक्षम नहीं था.

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