दिल्ली में कोरोना से हालात बेकाबू होते दिख रहे हैं. रविवार को राजधानी में कोरोना के रेकॉर्ड 10,000 से ज्यादा नए मामले रिपोर्ट हुए हैं. सीएम केजरीवाल ने कहा कि चौथी लहर में कोरोना केस काफी तेजी से फैल रहा है और हालात चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि अगर अस्पतालों में बिस्तर कम पड़े तो लॉकडाउन लगाने की नौबत आ सकती है.


दिल्ली सीएम ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पिछले 24 घंटे में 10,732 ने कोरोना के केस सामन आए हैं. सीएम ने कहा, ‘ हालात काफी चिंताजनक है. कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा घर पर ही रहें। हम लॉकडाउन लगाना नहीं चाहते, लेकिन कल कुछ प्रतिबंध लगाने पड़े हैं. अगर अस्पतालों में बेड कम पड़ने लगेंगे तो लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है.

सरकारी अस्पतालों में भी जाएं, वहां सुविधाएं अच्छी हैं
इसके साथ ही उन्होंने लोगों से सरकारी अस्पतालों इलाज कराने की अपील की। केजरीवाल बोले कि देखा जाता है कि कुछ लोग निजी अस्पताल के पीछे ही दौड़ते हैं लेकिन आप दिल्ली के सरकार अस्पतालों में भी इलाज करा सकते हैं वहां अच्छा इलाज व सुविधा आपको मिलेगी।

दिल्ली में पाबंदियां
राष्ट्रीय राजधानी में मेट्रो, डीटीसी और क्लस्टर बसें 50 फीसदी क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है. इसके अलावा शादी समारोह में 50 मेहमान ही शामिल हो सकेंगे. दिल्ली सरकार ने कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर सभी तरह की सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक और धार्मिक सभाओं पर रोक लगा दी है. सभी सरकारी और निजी स्कूल भी 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे. 

डीडीएमए ने कहा कि महाराष्ट्र से विमान के जरिए दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए 72 घंटे के भीतर की आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट पेश करना जरूरी होगा और नेगेटिव रिपोर्ट नहीं होने पर 14 दिवसीय पृथक-वास में रहना होगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली में रेस्तरां, बार को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति रहेगी. अंतिम संस्कार में 20 लोगों से अधिक के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी जबकि विवाह कार्यक्रम में अधिकतम 50 व्यक्ति तक शामिल हो सकते हैं.

दिल्ली में चौथी लहर में कोरोना संक्रमित हुए लोगों का आंकड़ा अध्ययन करने के बाद पता चलता है कि इस बार 65 प्रतिशत मरीज 45 साल से कम उम्र के हैं. ऐसे में अगर इस आयु वर्ग के लोगों को टीका नहीं लगेगा तो संक्रमण कैसे रुकेगा. अगर टीकाकरण तेज कर दिया जाए तो कोरोना का संक्रमण कुछ हद तक रोका जा सकता है. उन्होंने एक बार फिर उस बात पर जोर दिया कि अगर दिल्ली को ज्यादा टीकाकरण केंद्र बनाने और आयु का कोई बंधन न रखने की इजाजत दी जाए तो दो-तीन महीने में पूरी दिल्ली का टीकाकरण किया जा सकता है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here