मुंबई: सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म का ट्रेलर लगातार फैंस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. फिल्म का प्लॉट औऱ इसकी कहानी हर मुश्किल में जिंदगी जीने की बात करती है. वहीं, असल जिंदगी में सुशांत सिंह ने हालातों के आगे जिंदगी की जंग हार दी. ऐसे में सुशांत के फैंस इसे लेकर और भी ज्यादा इमोशनल हो रहे हैं.

दिल बेचारा ट्रेलर रिव्यू: सुशांत सिंह राजपूत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है. ट्रेलर में सुशांत सिंह राजपूत कैंसर से लड़ रही लड़की किज़ी को जिंदादिली का मैसेज देते हैं जिससे वो जिंदगी आसानी से जी सके. सुशांत किज़ी यानी कि संजना से कहते हैं- जन्म कब लेना है और मरना कब है हम डिसाइड नहीं करते हैं, पर कैसे जीना है ये हम डिसाइड कर सकते हैं.
ट्रेलर की शुरुआत होती है संजना सांघी की आवाज के साथ. जिसमें वो कहती हैं- मेरी नानी बचपन में मुझे एक कहानी सुनाया करती थीं- एक था राजा एक थी रानी दोनों मर गए खत्म कहानी. ऐसी कहानियां किसी को अच्छी नहीं लगता है, मेरा नाम किज़ी बासु है, क्यों है मत पूछो, मुझे कैंसर है.

सुशांत पूरे ट्रेलर में उन्हें जिंदगी जीने का सबक सिखाते हैं और उन्हें जिंदादिली का मैसेज देते हैं. तभी तो एक जगह सुशांत का कैरेक्टर संजना से कहता है- एक था राजा एक थी, रानी दोनों मर गए खत्म कहानी, पर ये कहानी अधूरी है. इसे पूरा वो राजा और रानी करते हैं.
कैंसर पेशेंट का दर्द और लव स्टोरी से बंधी ये फिल्म दर्शकों को खासा पसंद आ सकती है. सुशांत के संवाद और उनकी तस्वीरें बार बार उन्हीं की याद दिलवाती हैं. इस ट्रेलर को देखने के बाद ऐसा लगता ही नहीं है कि सुशांत हमारे बीच में नहीं है. प्रशंसकों और सुशांत के इस फिल्म के को-स्टार, सभी के लिए ये पल काफी भावुक कर देने वाला है. “दिल बेचारा” फिल्म का प्रमोशन राजकुमार राव, क्रिस्टल डिसूजा, जैकलीन फर्नांडिस से लेकर तमाम स्टार्स ने किया. सभी फिल्म सितारों ने सुशांत की आखिरी फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए फैंस से देखने की अपील भी की. हालांकि फैंस पहले से ही सुशांत की आखिरी फिल्म को लेकर काफी एक्साइटिड हैं.

सुशांत ने दिल बेचारा की स्क्रिप्ट सुने बिना ही फिल्म के लिए हां कर दी थी

दिल बेचारा के बारे में फिल्म के डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने बताया कि,’सुशांत ने मुझसे वादा किया था की जब भी मैं अपनी पहली फिल्म बनाऊंगा, वह उसमे लीड रोल करेगा. जब मैंने उसे दिल बेचारा के लिए बात की तो उसने बिना स्क्रिप्ट पढ़े तुरंत हां कर दी. सुशांत मुझे किसी भी सीन को बेहतर बनाने के भी सुझाव देता रहता था. हमारा एक दूसरे के साथ ऐसा मजबूत रिश्ता था.’

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