नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी का अब अपना अलग शिक्षा बोर्ड होगा. दिल्ली कैबिनेट की बैठक में इस फैसले को मंजूरी दी गई. 2021-21 में कुछ स्कूलों में नए बोर्ड के तहत पढ़ाई होगी. अभी दिल्ली में केवल CBSE/ICSE बोर्ड हैं. लेकिन अब अन्य राज्यों की तरह दिल्ली का भी अपना शिक्षा बोर्ड होगा. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब ऐसी शिक्षा तैयार की जाएगी ताकि पढ़ाई के बाद उसे रोजगार के लिए धक्के ना खानी पड़े. उन्होंने कहा आज पूरी शिक्षा तंत्र रटने पर जोर देता है, जिस बदलकर समझने पर जोर देना पड़ेगा.


नए बोर्ड बनाने के 3 लक्ष्य हैं:
ऐसे बच्चे तैयार करना है जो कट्टर देशभक्‍त हों.
सभी धर्म जाति के बच्चे अच्छे इंसान बनें.यह बोर्ड ऐसी शिक्षा देगा जो बच्चों को अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद करेगा, उसे रोजगार देगा.
नये बोर्ड की ये होंगी खासियत
आज शिक्षा तंत्र रटने पर ज़ोर देता है लेकिन नया बोर्ड समझने पर ज़ोर देगा. 
बच्चों के असिसमेंट के लिए हाई टेक तकनीक का इस्तेमाल होगा. बच्चों को रट्टू तोता नही बनाया जाएगा. 
दिल्ली में ज्यादातर स्कूल CBSE हैं. दिल्ली के शिक्षा बोर्ड को 20 से 25 सरकारी स्कूल से CBSE की पढ़ाई हटाकर लागू किया जाएगा.
एक गवर्निंग बॉडी, एक्सक्यूटिव बॉडी भी बनाई जाएगी.
ये है बोर्ड का रोडमैप
इस साल 2021-22 में 20-25 सरकारी स्कूलों को इस बोर्ड के तहत लेकर आएंगे.
यह स्‍कूल कौन-कौन से होंगे यह स्कूल प्रिंसिपल से बात करके तय किया जाएगा.
इन स्‍कूलों से CBSE बोर्ड की मान्यता हटाकर दिल्‍ली बोर्ड की मान्यता लागू की जाएगी.
उम्मीद है 4 से 5 साल के अंदर स्वैच्छिक तौर पर सभी स्कूल इसके तहत आ जाएंगे
बोर्ड में कौन-कौन होगा?
सीएम ने कहा कि दिल्‍ली बोर्ड ऑफ स्‍कूल एजुकेशन में एक गवर्निंग बॉडी होगी जिनके चेयरमैन शिक्षा मंत्री होंगे. डे-टू-डे फंक्‍शन के लिए इसमें एक एक्‍जीक्‍यूटिव बॉडी भी रहेगी, जिसकी अध्‍यक्षता मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी (CEO) करेंगे. दोनों बॉडीज में इंडस्‍ट्री, एजुकेशन सेक्‍टर के एक्‍सपर्ट्स के अलावा, सरकारी और निजी स्‍कूलों के प्रिंसिपल्‍स, ब्‍यूरोक्रेट्स शामिल होंगे.
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आगे कहा- “हमने शिक्षा के जगत में कई बड़ा परिवर्तन किया. इससे पहले स्कूल में कुछ भी काम के लिए सरकार से इजाजत लेनी पड़ती थी. स्कूल में कई पोस्ट्स खाली पड़ी रहती थी. लेकिन हमने स्कूल के प्रिंसपल को यह पावर दी है. कई नए प्रयोग किए गए.”

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