मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के कहर ने राज्य सरकार को लॉकडाउन के विकल्प पर विचार करने को मजबूर कर दिया है. कोविड टास्क फोर्स की सिफारिश पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अधिकारियों को लॉकडाउन के लिए तैयारी करने को कहा है. हालांकि, लॉकडाउन से होने वाले आर्थिक नुकसान को देखते हुए बहुत से लोग इसके खिलाफ हैं. उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी इनमें शामिल हैं. उन्होंने गरीबों पर सबसे अधिक मार पड़ने की बात कहकर इससे बचने की सलाह दी है.
महिंद्रा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय को टैग करते हुए ट्वीट किया: ” उद्धव ठाकरे जी, लॉकडाउन की वजह से ज्यादातर गरीब जनता को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें प्रवासी मजदूर और छोटे-छोटे व्यापारी शामिल होते हैं. इसीलिए लॉकडाउन की बजाय अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान देकर, उन्हें बेहतर करने के उपाय करने चाहिए, जिससे इस वायरस की वजह से मृत्यु दर में कमी आए.”
उद्धव ठाकरे ने रविवार को संकेत दिए थे कि राज्य सरकार कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए दोबारा लॉकडाउन लगा सकती है. उन्होंने अधिकारियों से कहा था कि लोग यदि सुरक्षा मानकों को पालन नहीं करते हैं तो लॉकडाउन लगाने पर विचार किया जाए. कोविड-19 टास्क फोर्स और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया.
बता दें कि महाराष्ट्र में फिर से लॉकडाउन की स्थिति बनती जा रही है, क्योंकि यहां प्रतिदिन कोरोना के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है. इसकी वजह से मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सरकार की चिंता बढ़ती जा रही है. उ न्होंने प्रशासन को आने वाले दिनों में एक संभावित लॉकडाउन 2.0 के सुचारू कार्यान्वयन के लिए रणनीति बनाने का निर्देश दिया है.

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