नई दिल्ली: काफी समय से फास्टैग को जरूरी करने की कोशिशें हो रही थीं। 15-16 फरवरी की आधी रात से देश के सभी टोल प्लाजा पर सिर्फ डिजिटल तरीके से ही टोल टैक्स लिया जाएगा. जिनकी गाड़ी पर फास्टैग नहीं होगा, उनसे दोगुना टोल टैक्स वसूला जाएगा.
क्या है नए नियम
1-
मंत्रालय ने अपने ऑर्डर में लिखा है कि 15 और 16 फरवरी की मध्य रात्रि से टोल प्लाजा की सभी लाइन फास्टैग लेन में बदल दी जाएंगी.
2- अगर कोई व्हीकल बिना फास्टैग के या फिर बिना ऐसे फास्टैग के साथ जो वैध नहीं हो, टोल से गुजरता है तो उसे अपनी कैटेगरी के लिए तय शुल्क की दोगुना पेनल्टी देनी होगी.
3- सरकार ने पहली जनवरी से सभी वाहनों के लिए फास्टैग अनिवार्य कर दिया है, हालांकि लोगों की सुविधा के लिए टोल पर सीमित समय के लिए कैश भुगतान की सुविधा भी दी गई. जिसे अब 15 फरवरी से बंद कर दिया जाएगा. यानि 15 फरवरी के बाद से टोल के लिए कैश भुगतान संभव नहीं होगा.
क्या है फास्टैग?
फास्टैग एक स्टीकर होता है जो वाहनों के विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है. टोल पर क्रॉसिंग के दौरान डिवाइस रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी की मदद से टोल प्लाजा पर लगे स्कैनर से कनेक्ट होता है और फिर फास्टैग से जुड़े अकाउंट से पैसे कट जाते हैं. जिससे टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होती है.
कहां से खरीदें फास्टैग?
NHAI टोल या फिर तमाम बैंकों से आप फास्टैग स्टिकर खरीद सकते हैं. इसके अलावा यह पेटीएम, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं. इसे आप यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड से भी रिचार्ज कर सकते हैं. अगर फास्टैग बैंक खाते से लिंक होता है, अगर फास्टैग बैंक खाते से लिंक होता है, तो पैसे खाते से ऑटोमैटिक कट जाते हैं.
फास्टैग के लिए क्या डॉक्यूमेंट जरूरी?
ड्राइवर के लाइसेंस और वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की कॉपी जमा करके फास्टैग खरीदा जा सकता है. बैंक केवाईसी के लिए यूजर्स के पैन कार्ड और आधार कार्ड की कॉपी भी मांगते हैं. नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने फास्टैग की कीमत 100 रुपये तय की है. इसके अलावा 200 रुपये की सिक्युरिटी डिपॉजिट देनी पड़ती है.
फास्टैग गुम, डैमेज (क्षतिग्रस्त) या फट जाने पर क्या करें?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के मुताबिक एक वाहन के लिए केवल एक फास्टैग मिलता है. अगर फास्टैग डैमेज हो जाए तो आप आसानी से उसे बदल सकते हैं. क्योंकि एक गाड़ी के लिए केवल एक फास्टैग नंबर जारी होता है, जिसमें व्हीकल का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), टैग आईडी समेत दूसरे डिटेल्स भरने होते हैं. ऐसे में केवल पुरानी डिटेल देकर फिर से फास्टैग को इश्यू करवाया जा सकता है.
बैलेंस निगेटिव नहीं है तो टोल प्लाजा पार करेगी कार?
एनएचएआई ने फैसला किया है कि यूजर को अब टोल प्लाजा से गुजरने की तब तक अनुमति दी जाएगी, जब तक कि FASTag खाते/वॉलेट में निगेटिव बैलेंस नहीं है. यदि फास्टैग अकाउंट (Fastag Account) में कम पैसे हैं तो भी कार को टोल प्लाजा पार करने की अनुमति होगी. भले ही टोल प्लाजा पार करने के बाद फास्टैग अकाउंट निगेटिव क्यों नहीं हो जाए. यदि ग्राहक उसे रिचार्ज नहीं करता है तो निगेटिव अकाउंट की रकम बैंक सिक्योरिटी डिपॉजिट से वसूल कर सकता है.
फास्टैग के इस्तेमाल से मिलती है सुविधा
फास्टैग के इस्तेमाल से वाहन चालक को टोल टैक्स के भुगतान के लिए रूकना नहीं पड़ता है. टोल प्लाजा पर लगने वाले समय में कमी और यात्रा को सुगम बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. फास्टैग पूरी तरह से लागू होने के बाद कैश पेमेंट से लोगों को छुटकारा मिल जाएगा, साथ ही ईंधन और समय की बचत भी होगी.

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