कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले गोत्र पॉलिटिक्स की एंट्री हो गई हैं. नंदीग्राम में आखिरी दिन प्रचार के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने अपनी गोत्र का खुलासा किया. इसके बाद बंगाल में पहली बार चुनाव रही AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ममता बनर्जी पर पलटवार किया है. ओवैसी ने पूछा कि उनके जैसे लोगों का क्या जो जनेऊधारी नहीं है.
ओवैसी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘हमारे जैसे लोगों का क्या होना चाहिए जो शांडिल्य या जनेऊधारी नहीं हैं, जो किसी विशेष भगवान के भक्त नही हैं, चालीसा या कोई दूसरा पाठ नहीं करते हैं? हर पार्टी को लगता है कि उसे जीतने के लिए अपने हिंदू होने का परिचय देना होगा. ये नियमों के खिलाफ है, अपमानजनक है और सफलता नहीं मिलने वाली है.’
ममता बनर्जी ने क्या कहा था?
नंदीग्राम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “मैं मंदिर गई थी पुरोहित ने पूछा कि मेरा गोत्र क्या है? मुझे याद आया कि त्रिपुरेश्वरी मंदिर में अपना गोत्र मां माटी मानुष बताया था लेकिन आज जब मुझसे पूछा गया तो मैंने कहा कि पर्सनल गोत्र शांडिल्य है लेकिन मैं समझती हूं कि मेरा गोत्र मां-माटी-मानुष है.”
दिलीप घोष क्या बोले?
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी अलग अलग समय पर अपना गोत्र बदलती रहती हैं. कभी उनका गोत्र भारतीय होता तो तो कभी शाण्डिल्य और अब उन्होंने अपना गोत्र माँ, माटी, मानुष बताया है. ऐसे में पहले ममता को तय कर लेना चाहिए की उनका गोत्र है क्या.
ममता पर मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप लगाती है बीजेपी
बता दें कि नंदीग्राम से ममता के खिलाफ चुनाव लड़ रहे सुवेंदु अधिकारी और बीजेपी के तमाम नेता ममता बनर्जी पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगा चुके हैं. सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को रोड शो से पहले यह तक कह दिया था कि ममता बनर्जी मंत्र गलत बोलती हैं जबकि कलमा ठीक पड़ती हैं.

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