जयपुर: राजस्थान की सियासी घमासान के बीच अब अशोक गहलोत- सचिन पायलट तनातनी रोज नए रंग ले रही है. बाागी विधायकों के राजस्थान हाइकोर्ट में याचिका लगाने से जुड़ी है, जिसमें राजस्थान विधानसभा के स्पीकर की ओर से कांग्रेस के बागी विधायकों को नोटिस थमाए गए थे. अब इस मामले में विधायकों ने हाईकोर्ट में अर्जी लगा दी है. अब कोर्ट पर हर किसी की निगाहें हैं, क्योंकि अगर अदालत नोटिस पर स्टे नहीं देता है तो सचिन पायलट के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

मामले पर आज दोपहर तीन बजे सुनवाई होगी. हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी उनका प्रतिनिधित्व करेंगे. इससे पहले अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी मतभेद को कम कम करने के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा सक्रिय हो गई थीं. प्रियंका गांधी ने केसी वेणुगोपाल, अहमद पटेल से सचिन पायलट से बात करने को कहा है और पार्टी में वापस आने को कहा था. दूसरी ओर अशोक गहलोत अब भी सख्त रुख अपनाए हुए हैं.

इन विधायकों को भेजा गया नोटिस
यह नोटिस सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पी. आर. मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत को भेजा गया है.

बता दें कि अशोक गहलोत सरकार ने दो दिन लगातार विधायक दल की बैठक बुलाई थी. इस बैठक के लिए बकायदा व्हिप भी जारी किया गया था. इसके बावजूद सचिन और उनके साथ हरियाणा के मानेसर में ठहरे उनके गुट के विधायकों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया. इसके बाद कांग्रेस के चीफ व्हिप महेश जोशी ने स्पीकर सीपी जोशी से शिकायत की और बागी विधायकों की सदस्यता खत्म करने की मांग की. इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने सचिन पायलट समेत सभी बागी विधायकों को नोटिस जारी किया और उनसे 17 जुलाई की दोपहर 1 बजे तक जवाब मांगा है. जवाब मिलने के बाद स्पीकर आगे की कार्रवाई करेंगे. नोटिस पर सचिन पायलट गुट का कहना है कि हमने व्हिप का उल्लंघन नहीं किया है.

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