मुंबई: महाराष्ट्र में कोविड-19 के मामलों में हालिया बढ़ोतरी से चिंतित मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को नागरिकों से मास्क पहनने और उचित दूरी का पालन करने जैसे निर्देशों का सख्ती से पालन करने या एक बार फिर लॉकडाउन का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा है. महाराष्ट्र में बीते रविवार को पिछले एक महीने से अधिक समय में सबसे ज्यादा संक्रमण के 4092 मामले आए वहीं मंगलवार को 3663 नए मामले आए.
देश में लोगों को कोरोना वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है. इसके बाद भी कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित रहे महाराष्ट्र में एक बार फिर महामारी ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है. कोरोना वैक्सीन लगने के बाद यहां पर अब भी रोज 3 हजार से ज्‍यादा केस सामने आ रहे हैं. सबसे ज्यादा डराने वाले आंकड़े मुंबई के हैं. इस बीच मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर (Mayer Kishori Pednekar) ने कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर कहा कि लोग अगर दिशा निर्देशों का पालन नहीं करेंगे तो मजबूरी में फिर लॉकडाउन लगाना पड़ेगा.
मेयर ने ऐसा बयान क्यों दिया
मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि महाराष्‍ट्र और मुंबई में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. लोकल ट्रेनों में यात्रा करते समय ज्‍यादातर यात्री मास्‍क नहीं लगा रहे हैं. लोकल ट्रेनों में भीड़ होने के बाद भी लोग मास्‍क का उपयोग नहीं कर रहे हैं. लोगों को अभी भी कोरोना वायरस के नियमों का पालन करना चाहिए. उन्‍होंने आगे कहा क‍ि अगर लोग कोरोना के नियमों का पालन नहीं करेंगे तो हम एक और लॉकडाउन की तरफ आगे बढ़ेंगे. मुंबई में फिर से लॉकडाउन को लागू किया जाए या नहीं यह लोगों के हाथ में है.
पिछले कुछ समय से महाराष्‍ट्र में कोरोना के नए मामलों की संख्‍या काफी कम हो गई थी. केरल ऐसा राज्‍य था जहां सबसे ज्‍यादा मामले सामने आ रहे थे. लेकिन महाराष्‍ट्र ने फिर केरल को पछाड़ दिया है. यहां पर सोमवार को 3,365 नए मामले सामने आए. मामलों की संख्या में गिरावट के 42 दिन के बाद महाराष्ट्र फिर से देश में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है.
महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण से 23 मरीजों की मौत
महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना संक्रमण के 3,365 नए मामले सामने आए. साथ ही राज्य में पिछले 6 दिनों से रोज नए मामलों का आंकड़ा तीन हजार की संख्या से अधिक दर्ज किया जा रहा है. महाराष्ट्र में रविवार को 4,092 नए केस सामने आए थे. संक्रमण के मामलों में जारी वृद्धि के बीच उद्धव ठाकरे की सरकार ने सख्त फैसला लिए जाने को लेकर आगाह किया है.
सीएमओ ने एक बयान में कहा कि राज्य के 36 जिलों में सतारा, सांगली, कोल्हापुर, जलगांव, धुले, बीड, लातूर, परभणी, अमरावती, अकोला, बुलढाना, यवतमाल,नागपुर और वर्धा में चार जनवरी और 15 फरवरी के बीच उपचाराधीन मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई. बयान में कहा गया कि नौ फरवरी और 15 फरवरी के बीच पालघर, रायगढ, रत्नागिरि, पुणे, सतारा, कोल्हापुर, नासिक, अहमदनगर, जलगांव, धुले, औरंगाबाद, बीड, परभणी, अमरावती, अकोला, वाशिम, बुलढाना, यवतमाल, नागपुर, वर्धा और चंद्रपुर में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई.

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