वॉशिंगटन: केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले दो महीनों से दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं. किसान आंदोलन को लेकर अब अमेरिका ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा है कि किसी भी देश में शांतिपूर्ण विरोध को लोकतंत्र की पहचान माना जाता है. ऐसे में कानूनों को लेकर हुए मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. अमेरिका की तरफ से किसान आंदोलन को लेकर ये प्रतिक्रिया ऐसे वक्त आई है जब कई अंतराष्ट्रीय हस्तियों ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है.
भारत में चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर किए गए एक सवाल के जवाब में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका, भारत के अंदर बातचीत के माध्यम से पार्टियों के बीच किसी भी मतभेद को हल किया जाने के पक्ष में है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम मानते हैं कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किसी भी संपन्न लोकतंत्र की पहचान है और भारत की सर्वोच्च न्यायालय ने भी यही कहा है.
बता दें कि दिल्ली की तीन सीमाओं (सिंधु, टिकरी और गाजीपुर) पर जहां किसानों का आंदोलन चल रहा है, वहां पुलिस की सख्ती बढ़ाई जा रही है. टिकरी बॉर्डर पर सड़क पर बड़ी-बड़ी कील लगाने के बाद प्रशासन ने सिंघु बॉर्डर पर बैरिकेडों को सीमेंट से जोड़ कर मोटी दीवार बना दी है. गाजीपुर बॉर्डर पर भी दिल्ली की तरफ से कंटीली तारें लगा दी गई है. इतना ही नहीं प्रदर्शन वाली जगहों पर इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है. आंदोलन को लेकर बनी इन खबरों को अंतराष्ट्रीय हस्तियां शेयर कर ट्वीट कर रही हैं.
अमेरिकी पॉपस्टार रिहाना और अन्य ग्लोबल सेलेब्रिटीज़ की टिप्पणी के बाद काफी विवाद हुआ है. जिसके बाद अब अमेरिका की ओर से भी ये बयान दिया गया है. ऐसे में अमेरिका के बयान पर भारत की क्या प्रतिक्रिया आती है, उसपर हर किसी की नज़र है. 

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