वॉशिंगटन: अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जो बाइडन के शपथ ग्रहण से पहले व्हाइट हाउस से विदाई दी गई. ट्रंप ने बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला लिया है. व्हाइट हाउस से निकलते समय ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप भी मौजूद रहीं.अमेरिका में परंपरा रही है कि सत्ता हस्तांतरण से पहले विदा हो रहे राष्ट्रपति नवनिर्वाचित राष्ट्रपति से मुलाकात करते हैं. पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने भी ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह से पहले ट्रंप और उनके परिवार के साथ मुलाकात की थी. हालांकि, ट्रंप ऐसा कुछ नहीं करने वाले हैं क्योंकि वो बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में आने से पहले ही साफ इनकार कर चुके हैं.
अमेरिका के लिए आज का दिन बेहद अहम है. जो बाइडेन आज 46वें अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने जा रहे हैं. यानी अमेरिका में आज से बाइडेन युग की शुरुआत होने जा रही है. जो बाइडेन के साथ भारतीय मूल की कमला हैरिस उपराष्ट्रपति पद की शपथ लेंगी. वहीं, 6 जनवरी की हिंसा के बाद वॉशिंगटन डीसी में कड़ी सुरक्षा है. करीब 25 हजार नेशनल गार्ड अमेरिकी राजधानी में तैनात कर दिए गए हैं.
चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट दिलाएंगे शपथ
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट जो बाइडेन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. शपथ ग्रहण कार्यक्रम 11 बजे ही शुरू हो जाएगा. जब बाइडेन शपथ ले रहे होंगे भारत में उस समय वक्त रात के 10.30 बज रहे होंगे.

कहां होगा उनका नया ठिकाना?
ट्रंप व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद वॉशिंगटन से फ्लोरिडा के लिए रवाना हो रहे हैं. अमेरिकी मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, ट्रंप फ्लोरिडा में पाम बीच तट के पास स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट को अपना स्थायी आवास बनाएंगे. न्यूयॉर्क पोस्ट की खबर के मुताबिक व्हाइट हाउस में ट्रंप के आखिरी दिन निकले ट्रकों को पाम बीच में उनके मार-ए-लागो आवास पर जाते देखा गया. ट्रंप ने कथित तौर पर बुधवार सुबह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण से कुछ घंटों पहले मार-ए-लागो जाने की योजना बनाई है.

अलर्ट पर है अमेरिका

अमेरिकी के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. भारतीय समयानुसार करीब साढे दस बजे जो बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेंगे. इसको लेकर वाशिंगटन डीसी में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. 6 जनवरी को भारी हिंसा के चलते भारी सुरक्षबलों को तैनात किया गया है.

बाइडेन के शपथ ग्रहण समारोह में डोनाल्ड ट्रंप शामिल नहीं होंगे, दूसरी तरफ, एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि ट्रंप समर्थकों के हथियारबंद समूह 50 राज्यों की राजधानी में जुटने की योजना बना रहे हैं. पूरा अमेरिका अलर्ट पर है. वहीं राजधानी वॉशिंगटन में 24 जनवरी तक इमरजेंसी लगा दी गई है.


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